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डरा-डरा सा रहता मन

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आजकल मन डरा-डरा सा रहता है, हर आहट में जैसे कोई खतरा रहता है। लोगों से मिलने का मन नहीं करता, भीड़ में भी कोई अकेला सा लगता है। हर पल एक घबराहट सी दिल में होती है, कोई खुशी भी अब तो अधूरी सी लगती है। दिल चाहता है बस रो लूं चुपचाप कहीं, कहूं किसी से कुछ… पर बोलूं भी नहीं। तेज़ आवाज़ों से दिल धड़कने लगता है, भीतर एक अजीब डर पनपने लगता है। हर खबर में हिंसा, हर मोड़ पर घाव, समाज का यह कैसा बनता जा रहा प्रभाव? कभी लगता है भाग जाऊं दूर कहीं, जहां कोई न हो, कोई आवाज़ नहीं। बस हों शांति की सांसें और खुला आकाश, मन को मिले सुकून, हो भीतर प्रकाश। पूजा गुप्ता _____
 आप से तुम तक का सफर और  तुम से तू तक का सफर सिर्फ  कुछ ही लोगों के साथ हुआ  और वो तू भी सिर्फ तुझ तक रहा ||

" सोच का बंधन "

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मुझे कोई काम करने से ऐतराज़ नहीं, झाड़ू उठाऊँ, बर्तन मांजू, या रोटियाँ सेंकूं सही। मैं थकती नहीं, ना पीछे हटती,  हिम्मत से हर जिम्मेदारी निभा देती। पर तुम कहते हो — “तुम लड़की हो, तुम्हें ही आना चाहिए ये सब कुछ, तुम्हारे हिस्से की जगह है रसोई, सपनों की उड़ान है झूठी कुछ।” यहीं है मेरी आपत्ति, तुम्हारी इस सोच में संकुचित दृष्टि। काम छोटा-बड़ा नहीं होता, पर क्यों ये बंटवारा सिर्फ़ मेरे हिस्से आता? मैं कर सकती हूँ कलम भी चलाना, किताबों से भी रिश्ता निभाना। मैं मैदान में भी उतर सकती हूँ, हर हार-जीत की क़ीमत समझ सकती हूँ। मत बाँधो मुझे “लड़की” के दायरे में, मेरी पहचान है मेरे कर्म के सहारे में। सोच बदलो, नजरिया साफ़ करो, बराबरी के पथ पर एक कदम तो बढ़ो।

हडिम्बा देवी मंदिर (कुल्लू मनाली)

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 हडिम्बा देवी मंदिर (कुल्लू मनाली) हडिम्बा देवी मंदिर मनाली में हिमाचल प्रदेश में स्थित है। विशालकाय देवदार वृक्षों के मध्य चार छतों वाला पैगोड़ा शैली के इस प्राचीन मंदिर का निर्माण कुल्लू के राजा बहादुर सिंह ने 1553 ईस्वी में करवाया था।चटटान को स्थानीय बोली में 'ढूंग कहते हैं इसलिए देवी को 'ढूंगरी देवी' कहा जाता है।  हडिम्बा का जन्म महाभारत काल में एक विशेष कार्य को पूरा करने के लिये हुआ था। महाभारत में हडिम्बा भीम की पत्नी के रूप में है। हडिम्बा अपने भाई हडिम्ब के साथ रहती थी, इनके भाई बहुत बलशाली थे और इनका सारे क्षेत्र पर दबदबा था। हडिम्बा और भीम का मिलन हुआ, पांडवो के अज्ञातवास के समय परन्तु हडिम्ब को उनका मिलन बिल्कुल पसंद नहीं था जिसकी वजह से भीम और हडिम्ब का भयानक युद्ध हुआ। कई दिनों के युद्ध के पश्चात् भीम ने हडिम्ब को मार गिराया। इसके बाद माता कुंती जो कि भीम की माता थी उन्होंने हडिम्बा और भीम का विवाह करवाया लेकिन एक शर्त पर कि भीम केवल संतान होने तक हडिम्बा के साथ रहेंगे इसके बाद ये अपने भाइयों व माता कुंती के साथ चले जायेंगे।  एक वर्ष तक भीम व हडिम्बा साथ रहे...